अब पांच राज्यों में होगा सियासी घमासान
विधानसभा चुनाव के लिए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तिथि की घोषणा कर दी गई है । यह राज्य हैं राजस्थान , मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ , तेलंगाना और मिजोरम ।
गौरतलब है कि राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी की सरकार बारी-बारी से आती रहती है । पिछला चुनाव भारतीय जनता पार्टी ने जीता था । इस बार राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति खराब दिख रही है क्योंकि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का काफी विरोध देखा जा रहा है । इस प्रकार से कांग्रेस के सत्ता में वापसी के आसार दिखाई दे रहे हैं ।
मध्यप्रदेश में लगभग पिछले 15 वर्षों से लगातार बीजेपी का ही शासन शिवराज सिंह चौहान भाजपा का ऐसा चेहरा जो कि 2005 से लगातार मध्य प्रदेश शासन कर रहा है । शिवराज ने सिंह ने पिछले दो चुनावों में जिस तरह से जीत हासिल की इससे यह अनुमान लगाना थोड़ा कठिन हो जाता है कि इस बार के चुनाव में उन्हें सफलता मिलेगी या मुंह की खानी पड़ेगी । उनके खिलाफ व्यापम घोटाले और गवाहों की हत्या जैसे मुद्दे भी हैं जो कि उनके वोट बैंक को कम कर सकते हैं ।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में तेलंगाना अपना एक विशेष महत्व रखता है । तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने सितंबर 2018 में ही विधानसभा को भंग कर दिया था । इसके वजह से यहां से उचित समय से पहले 9 माह पूर्व ही चुनाव कराए जाएंगे । तेलंगाना में टीआरएस के खिलाफ कांग्रेस टीडीपी के गठबंधन के कोशिश है की वे जीत दर्ज़ कर सकें ।
छत्तीसगढ़ का अस्तित्व 2000 में आया था और इसके बाद 3 साल तक कांग्रेस की सरकार थी । जिसके मुख्यमंत्री अजीत जोगी थे । किस राज्य में पार्टी के सबसे बड़े नेता रहे अभी जो कि अब अपनी नई पार्टी बना चुके हैं । जिसका नाम है छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस और मायावती ने कांग्रेस के बजाय इनके साथ गठबंधन कर लिया है ।
उत्तर पूर्व का राज्य मिजोरम सन 1987 में अस्तित्व में आया था और सन 1989 में सबसे पहले कांग्रेसी सरकार बनी जो लगातार दो बार सत्ता में रही फिर दो बार मिजो नेशनल फ्रंट की सरकार रही 2008 से कांग्रेस यहां फिर से सत्ता में है मिजोरम में भारतीय जनता का प्रदर्शन देखने लायक होगा ।

